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घर वापसी (भाग -१० और...ज़िन्दगी चलती रही )

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भाग- १ यहाँ पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/05/blog-post_99.html  भाग -२ यहां पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/05/blog-post_25.html भाग ३ यहां पढ़ें  https://www.loverhyme.com/2018/05/blog-post_72.html भाग ४ यहाँ पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/05/blog-post_27.html भाग ५ यहां पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/06/blog-post_13.html भाग ६ यहां पढ़ें  https://www.loverhyme.com/2018/07/blog-post_5.html भाग ७ यहां पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/10/blog-post.html भाग ८ यहां पढें https://www.loverhyme.com/2018/11/blog-post.html भाग ९ यहां पढ़ें https://www.loverhyme.com/2019/01/blog-post.html घर वापसी (भाग -१०  और...ज़िन्दगी चलती रही ) मैं बीच सड़क चली जा रही थी... सामने से आती हुई कार, बस...मुझे कुछ नज़र नहीं आया। सब कुछ तो पहले ही लुट चूका था मेरा। वापसी की आस भी अब ख़तम हो चुकी... अब किधर जाऊ ? अम्माजी के यहाँ वापसी का मतलब उन भूखे भेड़ियों का फिर शिकार बन जाऊँ ।  घर बचा ही कहाँ..... मायेका तो शादी पे ही पराया हो गया और ससुराल.... वो तो अब किसी और के हिस

घर-वापसी (भाग - ९ औरत या खिलौना ?)

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भाग- १ यहाँ पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/05/blog-post_99.html  भाग -२ यहां पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/05/blog-post_25.html भाग ३ यहां पढ़ें  https://www.loverhyme.com/2018/05/blog-post_72.html भाग ४ यहाँ पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/05/blog-post_27.html भाग ५ यहां पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/06/blog-post_13.html भाग ६ यहां पढ़ें  https://www.loverhyme.com/2018/07/blog-post_5.html भाग ७ यहां पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/10/blog-post.html भाग ८ यहां पढें https://www.loverhyme.com/2018/11/blog-post.html घर-वापसी  (भाग - ९ औरत या खिलौना ?) घर आज भी वैसा ही लग रह बाहर से.... जैसा ३ साल पहले था ... गेट  के अंदर वक़्त जैसे उस खुशनुमा मौसम को रोके रखे हुए था , मेरे लगाए हुए गुलाब खिल चुके थे।  उगी हुई घास वैसी ही हरी, जैसी की मेरे वहाँ रहने पर थी.... आँगन में झूला हवा के साथ हिल रहा था, मेरा बेटा अब भी उसी में झूलता होगा। गेट के दाहिने ओर पट्टी पे लिखा इनका नाम जैसे मुझे ही पुकार रहा है। मैं गेट पे खड़ी उन तमाम यादों को याद कर