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Showing posts from January, 2019

घर वापसी (भाग -१० और...ज़िन्दगी चलती रही )

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भाग- १ यहाँ पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/05/blog-post_99.html 
भाग -२ यहां पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/05/blog-post_25.html
भाग ३ यहां पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/05/blog-post_72.html
भाग ४ यहाँ पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/05/blog-post_27.html
भाग ५ यहां पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/06/blog-post_13.html
भाग ६ यहां पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/07/blog-post_5.html
भाग ७ यहां पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/10/blog-post.html
भाग ८ यहां पढें https://www.loverhyme.com/2018/11/blog-post.html
भाग ९ यहां पढ़ें https://www.loverhyme.com/2019/01/blog-post.html








घर वापसी (भाग -१०  और...ज़िन्दगी चलती रही )



मैं बीच सड़क चली जा रही थी... सामने से आती हुई कार, बस...मुझे कुछ नज़र नहीं आया।
सब कुछ तो पहले ही लुट चूका था मेरा। वापसी की आस भी अब ख़तम हो चुकी... अब किधर जाऊ ? अम्माजी के यहाँ वापसी का मतलब उन भूखे भेड़ियों का फिर शिकार बन जाऊँ ।  घर बचा ही कहाँ..... मायेका तो शादी पे ही पराया हो गया और ससुराल.... वो तो अब किसी और के हिस्से चला गया।

"पागल ह…

घर-वापसी (भाग - ९ औरत या खिलौना ?)

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भाग- १ यहाँ पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/05/blog-post_99.html 
भाग -२ यहां पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/05/blog-post_25.html
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भाग ४ यहाँ पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/05/blog-post_27.html
भाग ५ यहां पढ़ें https://www.loverhyme.com/2018/06/blog-post_13.html
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भाग ८ यहां पढें https://www.loverhyme.com/2018/11/blog-post.html



घर-वापसी  (भाग - ९ औरत या खिलौना ?)










घर आज भी वैसा ही लग रह बाहर से.... जैसा ३ साल पहले था ...



गेट  के अंदर वक़्त जैसे उस खुशनुमा मौसम को रोके रखे हुए था , मेरे लगाए हुए गुलाब खिल चुके थे।  उगी हुई घास वैसी ही हरी, जैसी की मेरे वहाँ रहने पर थी....



आँगन में झूला हवा के साथ हिल रहा था, मेरा बेटा अब भी उसी में झूलता होगा। गेट के दाहिने ओर पट्टी पे लिखा इनका नाम जैसे मुझे ही पुकार रहा है। मैं गेट पे खड़ी उन तमाम यादों को याद कर..... पूरा घर बाहर से देख, आंसुओ…