Posts

Showing posts from January, 2017

सांसें...

Image
मोहब्बत कितनी अजीब होती  है न.....  जब हम इसका इन्तज़ार करते हैं तो ये कोसो दूर भागती है..... और जब इससे रूठ के  चले जाओ, तो यही मोहब्बत .... इश्क़ आपको  डुबाने को ऐसा बेकरार होती है कि  क्या कहने....  सच में.... मैंने कभी नहीं सोचा था कि  मुझे भी इश्क़ होगा...  सोचा था  पहली मुलाक़ात  में ही सब कुछ बता दूंगी पर ...... पर उसको देखते ही मैं तो खुद को ही भूल गयी ..... वो एक घंटे की मुलाक़ात शायद मेरी ज़िन्दगी का सब से हसीन वक़्त था..... लेकिन  मेरी किस्मत इतनी अच्छी नहीं, कि उसका साथ मुझे उम्र भर के लिए मिले..... इसलिए आज मैं उसको मिल के सच बता दूंगी। ....." आयशा ! क्या कर रही हो यहाँ बैठे..... " वह आ चुका था।


" बस तुम्हारा  इंतज़ार था केतन ....कैसे हो?

"मैं तो ठीक हूँ मैडम, यहाँ क्यों बुलाया मिलने को।  पता है न, एक हफ्ते में हमारी शादी है। ....और माँ को पता चला तो बहुत डाँट  पड़ेगी....."
"जानती हूँ, पर सुनो...... देखो...... ", पसीने से मेरा माथा भीग चुका था। ..... और केतन अपने रुमाल से उसे पोंछ रहा था।

" जी मैडम, देख रहा हूँ, सुन भी रहा हूँ..... बात क्या…

The Fire has broken.....

Image
The fire has broken into my heart...
The flames of passion now escape...

I have been hoping since long now...
But I haven't seen your true face...
My wounds have oozed blood...
Now that has dried in this heat wave...
Smokes of anger and hatred arise from my soul...
Burning all dreams I had for me and you...
Forgetting the sweet kisses and unslept nights...
Everything I have burnt, even myself...
Anger and hatred.... 
Has taken over my innocent heart...
Because of your untrue love...
That you played with my heart...

ज़ख्म-ए-ज़िन्दगी

Image
ज़ख्म-ए-ज़िन्दगी



भोपाल से बैंगलोर .. एकतरफा सफ़र 
अब इस उम्र में क्या जाना घर के बाहर ... यही सोच के पिछले चार महीनों से टाल रही थी मैं... पर अब उसका फ़ोन पे दुखी आवाज़ में माँ कह के कॉल काट देना मुझसे बर्दाश्त नहीं होता। मन मार के ही सही मेरा सफर शुरू हो चुका है , अब ज़िन्दगी में इतना कुछ तो हो चुका... चलो ये भी सही। 

प्लेन में पहली बार बैठी हूँ और नज़ारा सच में बिलकुल ही अत्भुत ! शादी के 25 सालों में पहली बार हवाई यात्रा... मन ही मन मुस्कुरा रही हूँ,पति इतना धनवान पर कभी साथ, कहीँ भी नहीं ले गए। और बेटा... वो टिकेट भेजे बिना मान नहीं रहा... मुझे आख़िरकार अपने पास बुला ही लिया उसने।


एयरहोस्टेस कुछ बता रही है... पर मेरा ध्यान तो कहीं और जा रहा है... पंख प्लेन को लगे हुए हैं और उड़ मैं रही हूँ... मगर पीछे... और पीछे... 26 साल पहले...  "मेरा रिश्ता मांगने  कब आओगे सतीश ? कॉलेज का आखिरी साल भी खत्म होने को है... और घर में रिश्ते को ले के पूछ परख होने लगी है...कब तक टालोगे? अब तो घर में बात करो!" मैं खीझ के बोली।


" म…